Wednesday, April 15, 2009
Tuesday, April 7, 2009
सपने
कुछ ऐसे तुम मुझसे नज़रें मिलाना
की दिन का हर पल हर लम्हा सुहाना लगे
कुछ ऐसे मेरे साथ तुम वक़्त बिताना
की हंसी मेरे लबों से उतरना न चाहे
कुछ ऐसे मेरे लिए तुम मुस्कुराना
की हो जाये मुझे खुशियों की आदत
कुछ ऐसे मेरी ज़िन्दगी से ग़मों को मिटाना
की मुझमे भी जागे सपने सच करने की उम्मीद
कुछ ऐसे तुम मेरे लिए ख्वाब सजाना
की मैं हर रात का इंतज़ार करून
कुछ ऐसे तुम मुझे आसमान का वो तारा दिखाना
की तुम देखते रहो मुझे हर दम
कुछ ऐसे मुझे अपने सामने बिठाना
की मैं नाराज़ होना चाहूं बार बार
कुछ ऐसे तुम मुझे रूठने पर मनाना
की करता रहूँ तुझे प्यार उम्र भर
कुछ ऐसे शमा-ऐ-मोहब्बत को जलाना
की हो मेरा बसेरा कहीं और नामुमकिन
कुछ ऐसे कुछ ऐसे मुझे अपने दिल में बसाना
की बन जाओ मेरे दिल की धड़कन
कुछ ऐसे तुम मेरे दिल में समाना
की नामंजूर हो मुझे किसी और का होना
कुछ ऐसे तुम मुझे अपना बनाना
की मुझे बारिश की बूंदे भी अधूरी लगे
कुछ ऐसे मुझ पर तुम प्यार बरसाना
की बनजाये हम मोहब्बत की मिसाल
कुछ ऐसे तुम इस रिश्ते को निभाना
की ज़िन्दगी का आखरी पल भी हसीं लगे
कुछ ऐसे मुझे तुम गले से लगाना
की मौत भी हमें जुदा न कर पाए
कुछ ऐसे मैं तेरा हो जाऊं …
कुछ ऐसे ..तुम मेरी हो जाना !
Sunday, March 22, 2009
यादें

हिचकियों से एक बात का पता चलता है
कि कोई हमे याद तो करता है
बात न करे तो क्या हुआ
कोई आज भी हम पर कुछ लम्हे बरबाद तो करता है
ज़िंदगी हमेशा पाने के लिए नही होती
हर बात समझाने के लिए नही होती
याद तो अक्सर आती है आप की
लकिन हर याद जताने के लिए नही होती
महफिल न सही तन्हाई तो मिलती है
मिलन न सही जुदाई तो मिलती है
कौन कहता है मोहब्बत में कुछ नही मिलता
वफ़ा न सही बेवफाई तो मिलती ह
कितनी जल्दी ये मुलाक़ात गुज़र जाती है
प्यास भुजती नही बरसात गुज़र जाती है
अपनी यादों से कह दो कि यहाँ न आया करे
नींद आती नही और रात गुज़र जाती है
उमर की राह मे रस्ते बदल जाते हैं
वक्त की आंधी में इन्सान बदल जाते हैं
सोचते हैं तुम्हें इतना याद न करें
लेकिन आंखें बंद करते ही इरादे बदल जाते हैं
कभी कभी दिल उदास होता है
हल्का हल्का सा आँखों को एहसास होता है
छलकती है मेरी भी आँखों से नमी
पर कुछ पल तेरी यादों क साथ बिताने के बाद
हर सेहर में कुछ रवानी सी हो जाती है
Friday, March 20, 2009
निशानी

अगर रख सको तो एक निशानी हूँ मैं,
खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं ,
रोक पाए न जिसको ये सारी दुनिया,
वोह एक बूँद आँख का पानी हूँ मैं.....
सबको प्यार देने की आदत है हमें,
अपनी अलग पहचान बनाने की आदत है हमे,
कितना भी गहरा जख्म दे कोई,
उतना ही ज्यादा मुस्कराने की आदत है हमें...
इस अजनबी दुनिया में अकेला ख्वाब हूँ मैं,
सवालो से खफा छोटा सा जवाब हूँ मैं,
जो समझ न सके मुझे, उनके लिए "कौन"
जो समझ गए उनके लिए खुली किताब हूँ मैं,
आँख से देखोगे तो खुश पाओगे,
दिल से पूछोगे तो दर्द का सैलाब हूँ मैं,,,,,
"अगर रख सको तो निशानी, खो दो तो सिर्फ एक कहानी हूँ मैं"......
